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प्रमुख कंप्यूटर शब्‍दावलियाँ ( Major Computer Terminology ) – Most Important For All Exams

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Written by Nitin Gupta

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आज की इस पोस्ट में हम आपको प्रमुख कंप्यूटर शब्‍दावलियाँ ( Major Computer Terminology ) बताने जा रहे हैं , जिनके बारे में अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूंछा जाता है ! तो आप इन्हें अच्छे से पढकर याद कर लीजिये ताकि इससे संबंधित कोई भी Question आपका गलत न हो ! जल्द ही इस पोस्ट की PDF भी आपको उपलब्ध कराई जायेगी तो Website को Regular Visit करते रहिये ! 🙂 

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डाटा स्‍थानांतरण दर (Data transfer rate)

  • डाटा को एक कम्‍प्‍यूटर से दूसरे कम्‍प्‍यूटर अथवा सहायक मेमोरी से मुख्‍य मेमोरी में स्‍थानांतरित करने की दर को डाटा स्‍थानांतरण दर कहते हैं।

डीबगर (Debugger)

  • एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो किसी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम में गलतियों को ढूंढकर उसमें सुधार करता है उसे डीबगर कहते हैं।

फाईल ट्रांसफर प्रोटोकॉल (File Transfer Protocol)

  • कई उपयोगकर्ताओं के नेटवर्क से जुड़े कम्‍प्‍यूटरों के बीच फाइलों के स्‍थानांतरण में सहायक नियमों के समूह को फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल कहते हैं।

गेटवे (Gateway)

  • यह विशेष लाइन द्वारा इंटरनेट से जुड़ा कम्‍प्‍यूटर होता है, यह अन्‍य कम्‍प्‍यूटर टर्मिनलों को इंटरनेट की सुविधा प्रदान करता है।
  • यह अलग-अलग कम्‍प्‍यूटर और अलग-अलग प्रोटोकॉलका प्रयोग करने वाला कम्‍प्‍यूटर होता है जो अपने से जुड़े कम्‍प्‍यूटरों को सभी नेटवकों से जोड़ता है।

फोटर/फुटर (Footer)

  • कम्‍प्‍यूटर में दस्‍तावेज पेज की सबसे नीचे की पंक्ति में स्‍वत: लिखे जाने वाले टेक्‍स्‍ट को फोटर/फुटर कहते हैं। जैसे – पेज नंबर, तारीख, संदर्भ विशेष आदि।

डाटा पिच (Dot Pitch)

  • मॉनीटर पर एक मिलीमीटर में बिंदुओं की कुल संख्‍या को डॉट पिच कहते हैं। यह मॉनीटर की क्‍वालिटी को बताता है।

ड्रैग (Drag)

  • माउस के माध्‍यम से जब एक फाइल को एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर लेकर जाते हैं तो उसे ड्रैग कहते हैं।

ग्रे कोड (Gray code)

  • इनपुट और आउटपुट प्रक्रिया को संपन्‍न करने हेतु दिये गए निर्देश को ग्रे कोड कहते हैं।

फोरट्रान (Fortran)

  • यह एक उच्‍चस्‍तरीय भाषा होती है, जिसका उपयोग वैज्ञानिक और गणितीय उपयोग में किया जाता है।

फ्लिप-फ्लॉप (Flip-Flop)

  • यह मेमोरी की सबसे छोटी इकाई होती है जो 1 बिट के लिये भंडारण कार्य करती है। यह एक ऐसी इलेक्‍ट्रानिक युक्ति है जो दो बाइनरी स्थिति (0 या 1) में से किसी एक में रहती है।

ईप्रॉम (EPROM)

  • यह डाटा संग्रह करने वाली एक चिप होती है इसमें उच्‍च विद्युत विभव के द्वारा एक डाटा को मिटाकर दूसरा डाटा डाला जा सकता है।

फेसीमाइल ट्रांसमिशन (Fasimile Transmission)

  • यह लिखित सामग्री, शब्‍द, चित्र तथा ग्राफ को टेलीफोन लाइन के माध्‍यम से एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर प्रेषित करने का माध्‍यम है।
  • इस युक्ति को संक्षेप में FAX कहते हैं।

हाइबर्नेशन (Hybernation)

  • जब कम्‍प्‍यूटर सभी चालू प्रोग्राम को हार्ड डिस्‍क में संचित करके बंद होता है और पुन: चालू करने पर सभी प्रोग्राम पुन: उसी अवस्‍था में खुल जाते हैं तो इसे हाइबर्नेशन कहते हैं।

हाइपर टेक्‍स्‍ट (hyper Text)

  • किसी डॉक्‍यूमेंट के शब्‍द या शब्‍द समूह को उसी डॉक्‍यूमेंट या किसी अन्‍य डॉक्‍यूमेंट से लिंक करने की प्रक्रिया को हाइपर टेक्‍स्‍ट कहते हैं।

आई.पी. पता (Internet protocol)

  • यह वेबसाइट का 32 बिट का अंकीय पता होता है।
  • यह सर्वर और उससे जुड़े नोड की पहचान को बताता है।

कियोस्‍क (Kiosk)

  • यह सार्वजनिक स्‍थानों पर लगाया गया कम्‍प्‍यूटर होता है।
  • इसके द्वारा उपयोगकर्ता को सामान्‍य जानकाररियाँ प्राप्‍त होती है।

लाइटपेन (Light Pen)

  • यह एक इनपुट डिवाइज़ होती है।
  • इसका उपयोग कम्‍प्‍यूटर स्‍क्रीन पर लिखकर इनुट देने में किया जाता है।

मेगा बाइट (Megabyte)

  • यह मेमोरी की एक इकाई होती है।
  • यह 220 बाइट अर्थात् 10,48,576 बाइट के बराबर होती है।

मॉड्यूलेशन (Modulation)

  • यह एक प्रक्रिया होती है जिसमें डिजिटल संकेतों को एनालॉग संकेतों में बदलकर संचार माध्‍यम में भेजा जाता है।

नेटीजैन (Netizen)

  • ऐसे नागरिक जो इंटरनेट का उपयोग राजनीतिक समाज में भाग लेने के तरीकों के रूप में करता है उसे नेटीजैन कहा जाता है।

निबल (Nibble)

  • 4 बिटों के समूह को निबल कहते हैं।
  • यह आधी बाइट के बराबर होता है।

प्रोलॉग (Prolog)

  • यह कप्‍यूटर की एक उच्‍चस्‍तरीय प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • इस भाषा में तार्किक प्रोग्रामिंग एवं कृत्रिम बुद्धि का प्रयोग किया जाता है।

बाईनरी नंबर (Binary Nunber)

  • यह एक द्विआधारी संख्‍या पद्धति होती है, जिसमें 0 एवं 1 (कुल 2) अंको का उपयोग होता है।

ऑक्‍टेल नंबर (Octal number)

  • यह एक संख्‍या पद्धति होती है जिसमें 0, 1, 2 ………. 7 तक (कुल 8) अंको का उपयोग किया जाता है ।

डेसीमल नंबर (Decimal Number)

  • यह दाशमिक संख्‍या पद्धति है, जिसमें 0, 1, 2, ……….. 9 तक (कुल 10) अंकों का उपयोग किया जाता है।

ऑप्टिकल डिस्‍क (Optical disk)

  • यह डाटा संगृहीत करने के लिये बना एक उपकरण होता है जिसमें लेजर किरणों का उपयोग किया जाता है।

पास्‍कल (Pascal)

  • यह कंप्‍यूटर की एक उच्‍चस्‍तरीय भाषा होती है।
  • प्रसिद्ध गणितज्ञ ब्‍लेज पास्‍कल के नाम पर इसका नामकरण किया गया।

स्‍पैम (Spam)

  • किसी अवांछित विज्ञापन को इंटरनेट पर ई-मेल के द्वारा दूसरे कंप्‍यूटर पर भेजने को स्‍पैम कहते हैं।

स्‍टैंडबाय (Stanby)

  • कंप्‍यूटर बहुत कम ऊर्जा लेते हुए जब यह निष्क्रिय अवस्‍था में बना रहता है तो उसे स्‍टैंडबाय कहते हैं।
  • इस अवस्‍था में कंप्‍यूटर को तुरंत उपयोग में लिया जा सकता है।
  • इस अवस्‍था में सूचनाऍ हार्ड डिस्‍क में संचित नहीं की जा‍ती हैं।

रिंग टोपोलॉजी (Ring topology)

  • इस प्रक्रिया में कोई होस्‍ट कंप्‍यूटर नहीं होता है।
  • इस व्‍यवस्‍था में सभी नोड एक-दूसरे से रिंग या लूप के रूप में जुड़े होते हैं।

सेक्‍टर (Sector)

  • यह मेमोरी/हार्ड डिस्‍क पर डाटा लिखने वाली सबसे छोटी इकाई होती हैं।

सीरियल पोर्ट (Serial port)

  • इसके द्वारा क्रमबद्ध तरीके से संकेतों का आदान-प्रदान होता है।
  • यह कंप्‍यूटर के इनपुट और आउटपुट उपकरणों को जोड़ने वाला पोर्ट होता है।

सुपर स्क्रिप्‍ट (Super script)

  • किसी अक्षर या अंक के बाद जब उसके ऊपर कोई दूसरा अक्षर या अंक छोटे आकार में लिख लिया जाता है तो उसे सुपर स्क्रिप्‍ट कहते हैं।

टैम्‍पलेट (Template)

  • यह एक पूर्व निर्धारित प्रारूप होता है।
  • इसका उपयोग नए डॉक्‍यूमेंट को तैयार करने में किया जाता है।

टेराबाइट (TB)

  • यह मेमोरी का मात्रक होता है।
  • 1 टेराबाइट = 240 बाइट

टच स्‍क्रीन (Touch screen)

  • इसमें अंगुली द्वारा छुकर स्‍क्रीन पर उपलब्‍ध विकल्‍पों का चयन किया जाता है।
  • यह एक आसान इनपुट उपकरण होता है।

वाइल्‍ड कार्ड ( Wild card)

  • किसी अज्ञात कैरेक्‍टर के स्‍थान पर प्रयोग होने वाले कैरेक्‍टर को वाइल्‍ड कार्ड कहते हैं।
  • यह कैरेक्‍टर (* या ?) कुछ भी हो सकता है।

राइट वन्‍स रीड मेनी (WORM  disk)

  • यह एक ऐसी प्रकाशीय डिस्‍क होती है। जिस पर सूचना एक बार लिखी जा सकती है।
  • परंतु इसको बार-बार पढ़ा जा सकता है।

वॉर्म (Worm)

  • यह एक प्रकार का कंप्‍यूटर वायरस होता है।
  • यह मेमोरी में संगृहीत प्रोग्राम एवं डाटा को नष्‍ट कर देता है।

वाई-मैक्‍स (WiMax)

  • यह संचार उपलब्‍ध कराने वाली एक व्‍यवस्‍था होती है।
  • लंबी दूरी का बेतार संचार इससे उपलब्‍ध होता है।

अबेकस (Abacus)

  • यह गणना में प्रयुक्‍त होने वाली एक अति प्राचीनविधि है।

एक्‍यूमुलेटर (Accumulator)

  • यह डाटा और परिणामों को भंडारित करने करने वाली युक्ति है।
  • यह एक प्रकार का रजिस्‍टार है जो सूचनाओं को भंडारित करता है।

एनीमेशन (Animation)

  • गतिशीलता का आभास कराने हेतू जब कई चित्रों को क्रमिक रूप से तेजी से गुजारा जाता है तो इसे ऐनीमेशन कहते हैं।

बैंड (Band)

  • यह डाटा संचरण की गति मापन इकाई होती है।

कैथोड रे ट्यूब (CRT)

  • इसका उपयोग कंप्‍यूटर मॉनीटर और टेलीविजन में होता है।
  • यह एक इलेक्‍ट्रॉनिक ट्यूब है जो चित्रों और सूचनाओं को प्रदर्शित करती है।

कोरल ड्रा (Coral draw)

  • यह एक डिजाइन तैयार करने वाला सॉफटवेयर है।
  • इसका उपयोग डेस्‍कटॉप पब्लिशिंग (DTP) में होता है।

डिफाल्‍ट (Default)

  • पूर्व निर्धारित अनुदेशों के द्वारा कम्‍प्‍यूटर का तब तक कार्य करना, जब तक इसे उपयोगकर्त्‍ता द्वारा बदला नहीं जाता।

डिस्‍क ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Disk Operating System)

  • यह एक ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर होता है।
  • इसका उपयोग कम्‍प्‍यूटर के हार्डवेयर एवं परिधीय उपकरणों को नियंत्रित करता है और अन्‍य प्रोग्राम को कार्य करने की अनुमति देता है।

इंटरनेट सर्विस प्रदात (ISP)

  • यह इंटरनेट प्रदान करने वाली संस्‍था है।
  • इसमें गेट-वे कम्‍प्‍यूटर की सहायता से अन्‍य कम्‍प्‍यूटर गेट-वे को इंटरनेट से जुड़ने की सेवा देता है।

कू बैंड (Ku band)

  • यह लगभग 11 से 14 GHz के बीच की आवृत्ति होती है।
  • इसका उपयोग सैटेलाइट संचार में किया जाता है।

लोगो (LOGO)

  • यह एक प्रकार की प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • इसका उपयोग बच्‍चों को कम्‍प्‍यूटर की शिक्षा देने में किया जाता है।

मेन फ्रेम कम्‍प्‍यूटर (Main frame computer)

  • इस प्रकार के कम्‍प्‍यूटर का उपयोग अधिक मात्रा में डाटा प्रोसेसिंग में किया जाताहै।
  • इस कम्‍प्‍यूटर में कई उपयोगकर्ता एक साथ कार्य कर सकते हैं।

पैलेट (Palette)

  • यह कम्‍प्‍यूटर में चित्र बनाने वाले सॉफ्टवेयर में रंगों का समूह होता है।

पिक्‍सल (Pixel)

  • यह कम्‍प्‍यूटर डिस्‍प्‍ले पर या कम्‍प्‍यूटर इमेज को प्रदर्शित करने वाली मूल इकाई है।

पॉकेट पीसी (Pocket PC)

  • यह‍ एक छोटा कम्‍प्‍यूटर होता है।
  • इसे पर्सनल डिजिटल असि‍स्‍टेंट (PDA) भी कहते हैं।
  • इसे व्‍यक्तिगत उपयोग हेतु प्रयोग किया जाता है।

स्‍टार टोपोलॉजी (Star Topology)

  • इसमें अनेक नोड के माध्‍यम से संचार स्‍थापित किया जाता है।
  • ये नोड केंद्रीय हब या होस्‍ट कम्‍प्‍यूटर से जुड़े होते हैं।

स्‍वैपिंग (Swapping)

  • कम्‍प्‍यूटर के डाटा व प्रोग्राम को डिस्‍क पर स्‍टोर करना स्‍वैपिंग कहलाता है।
  • इस डाटा व प्रोग्राम को आवश्‍यकता पड़ने पर मुख्‍य मेमोरी में भी डाला जा सकता है।

ट्रांसपोंडर (Transponder)

  • यह रेडियो संकेतों को प्राप्‍त, पुन: प्रेषित व परिवर्द्धित कर सकता है।
  • इसे संचार उपग्रहों पर लगाया जाता है।
  • वीडियो प्रदर्शन टर्मिनल (Video displsay terminal)
  • यह एक कंप्‍यूटर टर्मिनल होता है।
  • इसमें इनपुट के लिये की-बोर्ड तथा आउटपुट के लिये मॉनीटर का प्रयोग किया जाता है।

पेन ड्राइव (Pen drive)

  • यह पेन के आाकार का इलेक्‍ट्रॉनिक मेमोरी उपकरण होता है।
  • इसे कंप्‍यूटर के यूनिवर्सल सीरियल बस (USB) से जोड़कर डाटा संग्रहण में प्रयोग करते है।

डीएनए कंप्‍यूटर (DNA computer)

  • इसे Bio Computer भी कहा जाता है।
  • इसमें जैविक पदार्थों जैसे- डीएनए, प्रोटीन आदि का प्रयोग किया जाता है।
  • जैविक पदार्थों के प्रयोग से डाटा को संरक्षित व प्रोसेस किया जा सकता है।

पॉमटाप (Palmtop)

  • यह हाथ में रख कर कार्य करने वाला बहुत ही छोटा कंप्‍यूटर है।
  • इसमें आवाज द्वारा इनपुट का कार्य संपन्‍न होता है। इसमें की-बोर्ड नहीं होता है।
  • इसका प्रयोग फोन के रूप में भी किया जा सकता है।

बायोस (BIOS)

  • यह एक साॅफटवेयर प्रोग्राम है। कंप्‍यूटर ऑन होने पर सर्वप्रथम बायोस सॉफटवेयर चलता है।
  • यह सर्वप्रथम कंप्‍यूटर के सभी हार्डवेयर की जॉच करता है। इसे Power on self test (POST) कहते है।

थ्रूपुट (Throughput)

  • कंप्‍यूटर द्वारा प्रति इकाई समय में संपादित उपयोगी प्रोसेसिंग की संख्‍या को थ्रपुट कहते हैं।

ज्‍वास्टिक (Joystick)

  • यह ट्रेकबाल की तरह कार्य करने वाली एक प्‍वॉइटिंग डिवाइस है। इसका प्रयोग सिमुलेटर प्रशिक्षण, रोबोट नियंत्रण, वीडियो गेम आदि में किया जाता है।

रिफ्रेश रेट (Refresh rate)

  • मॉनीटरके द्वारा एक सेकेंड में रिफ्रेश होने की दर को रिफ्रेश होने की दर को रिफ्रेश रेट कहते हैं।
  • इसकी इकाई हर्ट्ज (Hz) होती है।
  • इसके अधिक होने से मॉनीटर की गुणवत्‍ता बढ़ती है।

डॉट पिच (Dot pitch)

  • कंप्‍यूटर मॉनीटर पर जो सूचना, ग्राफ या तस्‍वीर हम देखते हैं वह छोटे-छोटे चमकीले बिंदुओं से बनी होती है।
  • इन्‍हें ही डॉट या पिक्‍सल कहते हैं।
  • ये डॉट जितने नजदीक और घने होंगे चित्र उतना ही अच्‍छा हमें दिखाई देगा।

प्‍लॅाटर (Plotter)

  • यह प्रिटर के समान ही एक आउटपुट डिवाइस है।
  • इसका उपयोग उच्‍च गुण्‍वत्‍ता वाले रेखाचित्रों को बड़े कागज पर प्राप्‍त करने हेतु किया जाता है।
  • मुख्‍य रूप से इसका प्रयोग कैड, कैम इंजीनियरिं, वास्‍तुविद, सिटी प्‍लानिंग, भवन निर्माण, मानचित्र बनाने में किया जाता है।

स्‍पीच सिन्‍थेसाइजर (Speech synthesizer)

  • इसके द्वारा विभिन्‍न्‍ भाषाओं का अनुवाद किया जाता है।
  • इसकी सहायता से लिखित सूचना को ध्‍वनि में परिवर्तन कर सकते हैं।

ईईप्रॉम (EEPROM)

  • वर्तमान समय में इसका उपयोग सहायक मेमोरी के रूप में हो रहा है। इसे फ्लेश मेमोरी भी कहते हैं।
  • इसमें सर्किट से निकाले बिना उच्‍च विघुत विभव की सहायता से पुराने प्रोग्राम को हटा कर नया प्रोग्राम डाला जा सकता है।
  • इसका एक सर्वप्र‍चलित उदाहरण पेन ड्राइव है।

कैश मेमोरी (Cache memory)

  • मेमोरी से डाटा प्राप्‍त करने की गति बढ़ाने के लिए कैश मेमोरी का उपयोग किया जाता है।
  • यह प्राथमिक मेमोरी तथा सीपीयू के बीच अत्‍यंत तीव्र मेमोरी के रूप में उपयोगी होती है।
  • सामान्‍यत: इसका आाकार 256KB (किलोबाइट) से 4MB (मेगाबाइट) होता है।

प्रकाशीय या ऑप्टिकल डिस्‍क (Optical disk)

  • इस डिस्‍क पर लेजर बीम का प्रयोग डाटा लिखने व पढ़ने में किया जाता है।
  • अत: इसे लेजर डिस्‍क भी कहते हैं।
  • यह पॉली कार्बोनेट प्‍लास्टिक से बनी एक गोल डिस्‍क होती है।
  • इसकी एक परत पर एल्‍युमीनियम की पतली चमकदार चादर को चढ़ाया जाता है ताकि यह प्रकाश को परावर्तित करे।

ब्‍लू-रे डिस्‍क (Bluray disc)

  • इसके उपयोग हेतु ब्‍लू-वायलेट लेजर किरणों का उपयोग किया जाता है।
  • ऑप्टिकल डिस्‍क में एक प्रकार तथा उच्‍च स्‍टोरेज क्षमता के कारण यह मल्‍टी‍मीडिया भंडारण में लोकप्रिय हो रहा है।
  • यह आकार में सामान्‍य डीवीडी या सीडी की तरह होता है।

स्‍पूलिंग (Spooling)

  • जब किसी डॉक्‍यूमेंट को प्रिंट के पूर्व उच्‍च गति क्षमता वाले प्रिंट बफर में भेजा जाता है तो इस कार्य को स्‍पूलिंग कहते है।

बफर (Buffer)

  • इसका उपयोग दो उपकरणों के बीच डाटा ट्रांसफर की गति में अंतर होने पर किया जाता है।
  • बफर की कार्य पद्धति कैश के समान होती है।
  • कैश की तुलना में बफर में भंडारण अधिक अरूथायी होता है।

बुलियन अलजेबरा (Boolean algebra)

  • इसमें केवल दो चरों (0 और 1) का प्रयोग होता है।
  • यह बाइनरी संख्‍या पद्धति में प्रयोग की जाने वाली गणित है।

शेयरवेयर (Shareware)

  • यह एक ऐसा सॉफ्टेवयर प्रोग्राम है जिसे कोई शुल्‍क चुकाए बिना एक निश्चित समय तक उपयोग कर सकते हैं।

फर्मवेयर (Firmware)

  • यह हार्डवेयर की बचत तथा उसके मूल्‍य में कमी लाने वाला सॉफ्टवेयर है।
  • इस सॉफ्टवेयर का उपयोग हार्डवेयर की जगह किया जाता है।

कैरेक्‍टर (Character)

  • कैरेक्‍टर वह सबसे छोटी इकाई है जिसे मनुष्‍य समझ सकता है।
  • किसी कैरेक्‍टर को 8 बिट या 1 बाइट निरूपित करते हैं।

बैंडविड्थ (Bandwidth)

  • संचार माध्‍यम की सूचना वहन करने की क्षमता को बैंडविड्थ कहते हैं।
  • इस माध्‍यम में उपलब्‍ध उच्‍चतम और निम्‍नतम आकृति की सीमा को बैंडविड्थ कहते हैं।
  • बैंडविड्थ को एनालॉग सिग्‍नल के लिये हट्र्ज में मापते हैं।
  • अगर किसी संचार माध्‍यम के बैंडविड्थ को बढ़ा दिया जाए तो डाटा का संचारण बढ़ जाएगा।

ब्रॉडबैंड (Brodband)

  • जिस संचार माध्‍यम में डाटा स्‍थानांतरण के लिये विशाल बैंडविड्थ सिग्‍नल उपस्थित होता है। उसे ब्रॉडबैंड कहते हैं।
  • भारत में ट्राइ (Telecom Regulatory Authority of India) द्वारा 512 किलोबिट प्रति सेकेंड (KBPS) से अधिक क्षमता के संचार को ब्रॉडबैंड कहते हैं।

माइक्रोवेव (Microwave)

  • इसमें विघुत चुंबकीय तंरगों के संप्रेषण से संचार स्‍थापित किया जाता है।
  • इसमें अति उच्‍च आवृत्ति वाली विघुत चुंबकीय तरंगो का उपयोग करते हैं।

बेस बैंड (Base band)

  • वह संचार माध्‍यम जो कम बैंडविड्थ पर कार्य करता है उसे बेस बैंड कहते हैं।
  • इसे नैरोबैंड के नाम से भी जाना जाता है।

इथरनेट केबल (Ethernet cable)

  • मॉडल, राउटर और टेलीफोन लाइन है जो डायल अप लाइन का विकसित रूप है।
  • इसके द्वारा स्‍थानीय नेटवर्क (LAN) भी बनाया जाता है। इसमें इथरनेट प्रोटोकॉल का उपयोग होता है।

आई.एस.डी.एन. (Integrated services digital network)

  • यह एक टेलीफोन लाइन है जो डायल अप लाइन का विकसित रूप है।
  • इसमें डाटा हस्‍तांतरण डिजिटल रूप में होता है तथा मोडेम की आवश्‍यकता नहीं होती है।

जी.एस.एम. (Global system for mobile communication)

  • जी.एस.एम. मानक का विकास यूरोपियन टेलीकम्‍यूनिकेशन स्‍टैंडर्ड इस्‍टीट्यूट द्वारा द्वितीय पीढ़ी के डिजिटल सेल्‍यूलर नेटवर्कके प्रोटोकॅाल की व्‍याख्‍या के लिए किया गया था।
  • मोबाइल फोन संचालनका सर्वाधिक प्रचलित मानक है।
  • इसमें अंतर्राष्‍ट्रीय रोमिंग सुविधा प्रदान की जाती है।

सी.डी.एम.ए.(Code division multiple access)

  • मुख्‍य रूप से इसका उपयोग मोबाइल फोन संचालन में किया जाता है।
  • यह 3rd Generation मानक की तकनीक है।

डिजिटल सब्‍सक्राइबर लिंक (DSL)

  • इसमे कंप्यूटर के माध्यम से टेलीफोन लाइनों द्वारा डिजिटल डाटा ट्रांसमिशन किया जाता है।  

हब (Hub)

  • इसके माध्‍यम से दो या दो से अधिक नेटवर्कों को आपस में जोड़ा जाता है।
  • इसका उपयोग हार्डवेयरउपकरणों को आपस में जोड़ने के लिये किया जाता है।

राउटर (Router)

  • इंटरनेट द्वारा डाटा संदेश को कम समय में निर्धारित पते पर पहुँचाने का काम राउटर करता है।
  • ये डाटा संकेत पैकेट के रूप में एक स्‍थान पर जाते हैं।
  • यह नेटवर्क गेटवर्क पर स्‍थगित होता है।
  • हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर दोनों के मिश्रण से राउटर कार्य करता है।

मॉडेम (Modem)

  • इसका उपयोग कंप्‍यूटर को नेटवर्क से जोड़ने हेतू किया जाता है।
  • यह कंप्‍यूटर से उत्‍पन्‍न डिजिटल आँकड़ों को एनालॉग सिग्‍नलों में बदलता है। इसी प्रकार एनालॉग सिग्‍नलों में बदलता है। इसी प्रकार एनालॉग को डिजिटल डाटा में यह बदलता है।

गोफर (Gopher)

  • इसके द्वारा इंटरनेट के माध्‍यम से दूरस्‍थ कंप्‍यूटर से डॉक्‍यूमेंट्स को खोजना और प्राप्‍त करना संभव होता है।
  • पिंग के माध्‍यम से किसी विशेष कंप्‍यूटर IP Address की जाँच की जाती है।

पिंग (Ping)

  • जब हम इंटरनेट पर कंप्‍यूटर और उससे जुड़ने हेतु किसी विशेष पहचान अथवा पासवर्ड की आवश्‍यकता नहीं होती है।

एनोनिमस सर्वर (Anonymous server)

  • इस प्रकार के सर्वर से जुड़ने हेतु किसी विशेष पहचान अथवा पासवर्ड की आवश्‍यकता नहीं होती है।

पॉप अप (Pop up)

  • यह एक प्रकार का अवांछित विंडो होता है। जो वेब पेज पढ़ते समय स्‍वयं खुल जाता है।

सर्च इंजन (Serch engine)

  • वर्ल्‍ड वाइड वेब के अथाह सूचना भंडार से हमें वांछित सूचना खोजने में मदद करने वालो का सर्च इंजन कहते हैं।
  • कोई भी सर्च इंजन सभी वेब पेजों की सूची बना कर रखता है।
  • गूग, ऑरकुट, याहू, अल्‍टाविस्‍टा आदि कुछ प्रमुखसर्च इंजन हैं।

सर्फिंग (Surfing)

  • इंटरनेट के माध्‍यम से अपनी सूचना की खोज सर्फिंग कहलाता है।
  • वेब पेज पर स्थित हाइपर लिंक के द्वारा हम अपनी सूचना को आसानीसे खोज सकते हैं।

थम्‍बनेल (Thumbnail)

  • नाखून के आकार का छोटा रूप जिससे किसी चित्र और मैप को प्रदर्शित करते हैं।

क्‍लाउड कंप्‍यूटिंग  (Cloud computing)

  • कंप्‍यूटर पर उपलब्‍ध इंटरनेट के माध्‍यम से विभिन्‍न सेवाओं के उपयोग को क्‍लाउड कंप्‍यूटिंग कहते हैं।
  • इसमें टि्वटर, यू-ट्सूब, फेसबुक, वेब ब्राउसर, ई-मेल आदि शामिल होते हैं।

फायरवॉल (Firewall)

  • यह किसी कम्‍प्‍यूटर, डाटा या नेटवर्क को अनधिकृत उपयोगकर्ताओं से सुरक्षा प्रदान करती है।
  • हार्डवेयर अथवा सॉफ्टवेयर से रूप में फायरवॉल हो सकती है। कभी-कभी यह दोनों रूप में भी होती है।
  • यह इ्ंटरनेट पर लैन नेटवर्क की गोपनीयता को बनाए रखने का काम करती है।

डिजिटल हस्‍ताक्ष्‍ार (Digital signature)

  • इस तकनीक का उपयोग कंप्‍यूटर पर उपलब्‍ध डाँ क्‍यूमेंट की गोपनीयता को बनाए रखने का काम करती है।
  • यह हस्‍ताक्षर उस मैसेज या डाँक्‍यूमेंट से जुड़ जाता है।
  • इस हस्‍ताक्षर को कोडेड फाँर्म में कंप्‍यूटर में स्‍टोर किया जाता हैं।
  • प्रमुख रूप से इसका प्रचलन ई-प्रशासन और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में है।
  • किसी व्‍यक्ति की कंप्‍यूटर नेटवर्क पर पहचान स्‍थापित करने तथा तथ्‍य को स्‍थापित करने की तकनीक डिजिटल हस्‍ताक्षर है।

बायोमैट्रिक तकनीक (Biometric techniques)

  • अंगुली की छाप, चेहरे की आकृति, आँख की पुतली, आवाज आदि मानवीय अंगो की सहायता से पहचान स्‍थापित करने की तकनीक को बायोमैट्रिक तकनीक कहते हैं।
  • इस तकनीक का प्रयोग करने के लिये कंप्‍यूटर में पहले ही अधिकृत व्‍यक्तियों के नमूनो को संगृहीत कर दिया जाता है।

स्‍पीकर  (Speaker)

  • साउंड कार्ड से प्राप्‍त विघुत तरंगों में स्‍पीकर बदलता है।
  • इसके 3.5 mm स्‍टीरियो फोन कनेक्‍टर के द्वारा साउंड कार्ड से जोड़ा जाता है।
  • कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम यूनिक के अंदर एक छोटा सा स्‍पीकर होता है।
  • मल्‍टीमीडिया स्‍पीकर में एक एम्‍प्‍लीफायर तथा आवाज़ घटने-बढ़ाने के लिये Volume Control Knob होता है।

स्‍क्रीन प्रोजेक्‍टर (Screen projector)

  • इसके द्वारा कम्‍प्‍यूटर स्‍क्रीन पर होने वाली घटनाओं और चित्रों को बड़ी स्‍क्रीन पर दिखाते हैं।
  • यह किसी चलचित्र को समूह में दिखाने हेतु उपयोग होता है।
  • व्‍यवसाय के क्षेत्र में इसका उपयोग मल्‍टीमीडिया प्रेजेन्‍टेशन में किया जाता है।
  • यह कम्‍प्‍यूटर के माध्‍यम से सॉफ्ट कॉपी देने वाला आउटपुट डिवाइस है।
  • इसमें आवाज़, चित्र, चलचित्र तथा एनिमेशन का प्रयोग होता है।

पैरलल पोर्ट (Parallel port)

  • इसका उपयोग डिवाइसेज को जोड़ने में किया जाता है इसकी स्‍पीड तीव्र होती है।
  • इसके द्वारा एक साथ 8 बिट या अधिक डाटा का आदान-प्रदान करते हैं।
  • इस पोर्ट में 25 पिन का कनेक्‍टर होता है। इसमें डाटा स्‍थानांतरण हेतु अधिक बैंडविड्थ की आवश्‍यकता पड़ती है।
  • सामान्‍य रूप से इस पोर्ट को प्रिंटर से जोड़ा जाता है, अत: इसको प्रिंटर पोर्ट भी कहते हैं।

विंचेस्‍टर डिस्‍क (Winchester disk)

  • विंचेस्‍टर डिस्‍क में दो से अधिक हार्ड डिस्‍क प्‍लैटर को एक केंद्रीय शॉफ्ट के सहारे एक के ऊपर एक स्‍थापित करते हैं।
  • इस डिस्‍क पैक में एक मोटर लगी होती है जो डिस्‍क को एक्सिस के सहारे घुमाती है।
  • इस डिस्‍क को सीलबंद डिब्‍बे में पैक करते हैं ताकि धूल, खरोंच या नमी की संभावना न हो।
  • पर्सनल कम्‍प्‍यूटर के साथ जिस हार्डडिस्‍क का उपयोग किया जाता है वह विंचेस्‍टर डिस्‍क का उदाहरण है।

स्‍मार्ट डिस्‍क (Smart card)

  • यह प्‍लास्टिक (Poly Vinyl Chloride) का बना एक छोटा कार्ड होता है।
  • इसके डाटा को पढ़ने के लिये स्‍मार्ट कार्ड रीडर का उपयोग किया जाता है।
  • इसका उपयोग मुख्‍य रूप से एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, सिक्‍योरिटी कार्ड, पहचान कार्ड, आदि में किया जाताहै।
  • कई प्रकार के स्‍मार्ट कार्ड में माइक्रो प्रोसेसर के साथ ही ई-प्रोम भी लगा होता है।

एम.एस.डॉस (Microsoft disk operating system)

  • एम.एस.डॉस एक 16 बिट का ऑपरेटिंग सिस्‍टम होता है।
  • इस ऑपरेटिंग सिस्‍टम में चित्र और ग्राफ न बन पाने और इसकी कमांड याद रखने के कारण वर्तमान में इसका उपयोग कम हो गया है।
  • इस ऑपरेटिंग सिस्‍टम को संयुक्‍त रूप से माइक्रोसॉफ्ट व आईबीएम ने 1981 में बनाया था।
  • यह ऑपरेटिंग सिस्‍टम कमांड प्राम्‍प्‍ट पर आधारित होता है।

यूनिक्‍स (Unix)

  • इस ऑप‍रेटिंग सॉफ्टवेयर का विकास बेल लैबोरेटरी के केन थाम्‍पसन और और डेनिस रिची ने 1970 में किया था।
  • हाई लेवल लैंग्‍वेज (e-भाषा) में बना पहला ऑपरेटिंग सिस्‍टम सॉफ्टवेयर यूनिक्‍स है।
  • यह पहला ऐसा सॉफ्टवेयर था जो कि नेटवर्क और संचार के लिये बनाया गया था, यह डाटा की सुरक्षा भी करता है।
  • मुख्‍य रूप से इस सॉफ्टवेयर का उपयोग वेब सर्वर के लिये किया जाता है।

रिटेल सॉफ्टवेयर (Retail Software)

  • एक ऐसा सॉफ्टवेयर जो बाज़ार में सामान्‍य रूप से बिक्री हेतु उपलब्‍ध होता है तथा जिसे कोई भी व्‍यक्ति उचित शुल्‍क चुकाकर खरीद सकता है।
  • कुछ रिटेल सॉफ्टवेयर Microsoft Office, Microsoft Window, Tally आदि है।
  • इस सॉफ्टवेयर के साथ प्रयोग के दिशा-निर्देश तथा यूजर मैनुअल दिये जाते हैं।

सिंटैक्‍स रूल (Syntax rule)

  • जिस प्रकार आम बोलचाल की भाषा में शब्‍दों और चिन्‍हों के प्रयोग हेतु व्‍याकरण के कुछ नियम होते हैं ठीक उसी प्रकार कम्‍प्‍यूटर में भी शब्‍द और चिन्‍ह होते हैं। जिन्‍हें सिंटैक्‍स रूल कहते हैं।

सी और सी++ (C and C++)

  • बेल लैबोरेटरीज़ के डेनिस रिची तथा ब्रायन करनिंघमद्वारा एक उच्‍च स्‍तरीय भाषा का विकास 1970 के दशक में किया गया था।
  • यह भाषा आम बोलचाल की भाषा अंग्रेजी जैसी है। C++ ऑब्‍जेक्‍ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • यह भाषा संक्षिप्‍त रूप में कठिन है।
  • इस भाषा का विकास उच्‍च स्‍तरीय भाषामें असेम्‍बली भाषा की क्षमता डालने के उद्देश्‍य से किया गया था।

सी शार्प (C Sharp)

  • इस भाषा का विकास माइक्रोसाफ्ट के द्वारा इंटरनेट में प्रयोग हेतु कियागया था।
  • इंटरनेशनल ऑर्गेनाइज़ेशनस्‍टैंडर्डाइजेशन (ISO) तथा यूरोपियन कम्‍प्‍यूटर मैन्‍यूफैक्‍चरिंग एसोसिएशन (ECMA) द्वारा यह भाषा मान्‍यता प्राप्‍त है।

व्‍यू (Views)

  • एक ऐसा टेबल जिसका स्‍वयं का अपना कोई डाटा नहीं होता है। बल्कि उसका डाटा किसी दूसरे बेस टेबल से लियाहोता है उसे व्‍यू कहते हैं।
  • किसी सूचनातक उपयोगकर्ता की पहुँच प्रदान करने का व्‍यू एक उपयोगी माध्‍यम है।

युग्‍म तार (Twisted Pair Cable)

  • ये तांबे के दो तार होते हैं जो आपसे में लिपटे होते हैं।
  • इन तारों पर प्‍लास्टिक या टेफलॉन कुचालकोंकी परत चढ़ी होती है।
  • यह संकेतों को रिपिटर की अनुपस्थिति में भी लगभग 1 किमी तक ले जाने में सक्षम होते है।

मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क (MAN-metropolitan area network)

  • इस नेटवर्क का उपयोग एक ही शहर के निजी एवं सार्वजनिक कम्‍प्‍यूटरों को जोड़ने में कियाजाता है।
  • घरों में उपयोग होने वाला केबल टेलीविज़न MAN का एक उदाहरण हैं।
  • यह नेटवर्क किसी बड़े भौगोलिक क्षेत्र (लगभग 100 किमी) में फैला नेटवर्क होता है।

मेश टोपोलॉजी (Mesh topology)

  • इस टोपालॉजी में कोई होस्‍ट या केंद्रीय कम्‍:प्‍यूटर नहीं होता है।
  • यह दो प्रकार पूर्ण मेश टोपालॉजी तथा आंशिक मेश टोपोलॉजी होती है।
  • मुख्‍य रूप से इस टोपोलॉजी का प्रयोग बैकबोन नेटवर्क निर्माण में होता है।
  • इस टोपाेलॉजी का प्रमुख लाथ यह होता है कि नेटवर्क के किसी नोड या संचार माध्‍यम में काम होने पर भी डाटा स्‍थानांतरण नारी रहता है।

बेतार तकनीक (Wireless technology)

  • केबल तकनीक सुविधाजनक न होने और खर्चीली होने के कारण विभिन्‍न कम्‍प्‍यूटरोंको नेटवर्क से जोड़ने हेतु बेतार तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।
  • इसमें अवरक्‍त और रेडियो तरंगोंका उपयोग कर कम दूरी के लिये नेटवर्क स्‍थापित किया जाता है।

पीएचपी (PHP- Hypertext Preprocessor)

  • यह एक सॉफ्टवेयर लैंग्‍वेज है शुरूआत में इसे पर्सनल होम पेज नाम दिया गया था।
  • इसका उपयोग Dynamic Web Pages निर्माण में किया जाता है।
  • इस भाषा का विकास रैसमस लेर्डोर्फ (Rasmus Lerdorf) ने किया था।
  • इस भाषा का प्रयोग HTML भाषा के साथ मिलाकर किया जाता है।
  • PHP भाषा में तैयार वेबसाइट Facebook और Yahoo है।

यूनीफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL- Uniform resource locator)

  • URL कम्‍प्‍यूटर नेटवर्क में वांछित सूचना का स्‍थान और उसे कैसे प्राप्‍त कियाजा सकता है, यह बताता है।
  • किसी वेबसाइटया वेब पेज का पता उस वेब पेज और साइट का URL होता है।
  • URL में डोमेन नेम के साथ शब्‍द, अंक या विराम चिन्‍ह हो सकते हैं।
  • URL को टाइप करके व्‍यक्ति सीधे वेब पेज पर पहुँच सकता है।
  • किसी वेब पेज अथवा वेबसाइट का विशेषीकृत पता उस वेबसाइट या वेब पेज का URL कहलाता है।

क्रॉस प्‍लेटफॉर्म (Cross platform)

  • किसी भी Operating system और कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर के साथ काम करने वाले सॉफ्टवेयर को क्रॉस प्‍लेटफॉर्म कहते हैं।

साइबर स्‍पेस (Cyber Space)

  • विलियन गिब्‍सन (William Gibbson) ने अपनी पुस्‍तर ‘न्‍यूरोमैंसर’ में सर्वप्रथम साइबर स्‍पेस शब्‍द का निर्माण किया।
  • विश्‍व में फैले कम्‍प्‍यूटर संचार के नेटवर्क तथा सूचनाओं के भंडार को काल्‍पनिक रूप में साइबर स्‍पेस कहा जाता है।

स्‍पाइवेयर (Spyware)

  • यह एक ऐसा द्वेषपूर्ण प्रोग्राम है जो उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना पासवर्ड, ईमेल-संदेश, यूज़रनेम, पूर्व में देखी गई वेबसाइट आदि का विवरण इकट्ठा करता रहता है।
  • कुछ बड़ी व्‍यावसायिक कंपनियाँ अपने कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिये स्‍पाइवेयर सॉफ्टवेयर का उपयोगकरती हैं।

की-लॉगर (Key logger)

  • यह एक ऐसा साफ्टवेयर प्रोग्राम है जो अपने नाम के अनुरूप उपयोगकर्ता द्वारा काम के दौरान दबाए गए बटनों (Keys) का रिकॉर्ड रखता है।
  • यह प्रो‍ग्राम भी उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना कम्‍प्‍यूटर में चलता है। यह स्‍पाइवेयर का ही एक प्रकार है।

थ्रेड (Threads)

  • इंटरनेट पर विचार-विमर्श के दौरान किसी विषय पर उपयोगकर्ता द्वारा अलग से चर्चा प्रारंभ करने को थ्रेड कहते हैं।

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About the author

Nitin Gupta

My Name is Nitin Gupta और मैं Civil Services की तैयारी कर रहा हूं ! और मैं भारत के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश से हूँ। मैं इस विश्व के जीवन मंच पर एक अदना सा और संवेदनशील किरदार हूँ जो अपनी भूमिका न्यायपूर्वक और मन लगाकर निभाने का प्रयत्न कर रहा हूं !!

मेरा उद्देश्य हिन्दी माध्यम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने बाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है ! आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कट अभिलाषा है !!

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