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परीक्षा में सफ़लता हेतु प्रभावी तकनीकें ( Effective Techniques for Success in the Examination )

Effective Techniques for Success in the Examination
Written by Nitin Gupta

नम्स्कार दोस्तो , आज की हमारी इस पोस्ट में हम आपको परीक्षा में सफ़लता हेतु कुछ महत्वपूर्ण तकनीकें बताने जा रहे हैं , जिन पर अमल करके आप परीक्षा में अच्छे अंक ला सकते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं ! 

तो चलिये दोस्तो शुरु करते हैं – 

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Effective Techniques for Success in the Examination

परीक्षा से पूर्व 

 1.पूर्णतया तैयार हों 

अभीष्‍ट परीक्षा हेतु आप अपनी पूरी क्षमता/योग्‍यतानुसार पूरी तरह से तैयारी करें। उन महत्‍वपूर्ण प्रश्नों पर जो पिछले वर्षों के प्रश्‍न-पत्र से परिलक्षित हैं अध्‍ययन करते समय अधिक ध्‍यान दें। इसका अर्थ यह नहीं है कि आप केवल चुनिन्‍दा प्रश्‍नों को ही तैयार करें, ना इसका अर्थ यह है कि शॉटकट्स में विश्‍वास रखें। इसका सीधा अर्थ यह है कि आपको यह ज्ञान होना चाहिए कि अभी तक का परीक्षा का ट्रैण्‍ड जैसा है , यदि वैसा ही रहता है तो आप इसके अनुसार पूरी तरह से तैयार रहें।

 2.समुचित प्रैक्टिस करें 

परीक्षा में जिस तरह के प्रश्‍न आते हैं उनकी अच्‍छी प्रैक्टिस से पूर्व में ही कर लेनी चाहिए। यदि परीक्षा में लघु-निबन्‍धात्‍मक प्रकार के प्रश्‍न पूछे जाते हैं तो आप लिखने की प्रैक्टिस करें। इसी तरह यदि परीक्षा में न्‍यूमेरिकल्‍स, डाटा इन्‍टरप्रीटेशन या ग्राफ्स से सम्‍बधित प्रश्‍न पूछे जाते है तो इस तरह के प्रश्‍नों की प्रैक्टिस ( परीक्षा में दी जाने वाली समय सीमा को ध्‍यान में रखकर ) पूर्व में ही की जानी आवश्‍यक है। यदि परीक्षा में कैल्‍कुलेटर काम में लेने की मनाही हैं, तो प्रैक्टिस करते समय कभी भी कैल्‍कुलेटर का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

 3.रिवीजन हेतु टाइम-टेबल बनाएं 

जो भी आपने पढ़ा है, उसका रिवीजन करने के लिए, अपना टाइम-टेबल तय करें। ध्‍यान रखें, अच्‍छे अंक अर्जित करने हेतु रिवीजन बहुत आवश्‍यकत है। यह रिवीजन परीक्षा तिथि से कम-से-कम 15 दिन पूर्व ही पूर्ण हो जाना चाहिए।

 4.आपके बनाए नोट्स सरल हों 

आपके द्वारा बनाए गए नोट्स इस तरह से संक्षिप्‍त एवं सरल रूप में होने चाहिए कि देखते ही, सम्‍बधित विषेय/टॉपिक के सम्‍बन्‍ध में सब कुछ ध्‍यान आ जाए। इसके लिए आप, हैडिंग्‍स, सब-हैंडिग्‍स को बिन्‍दुवार बनाकर, प्वांइन्‍ट्स को याद करने हेतु कोई एक्रोनिम तैयार कर सकते हैं,

 5.किसी प्रश्‍न को पूछने में हिचकिचाएं नहीं 

यदि कोई आपको विषय-वस्‍तु समझ में नहीं आ रही है तो उस पर अपने मित्रों ,अध्‍यापकों से चर्चा करें। उनसे पूछने में आपको हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।

 6.अन्तिम समय में रिवीजन करने से दूर रहें 

बहुत-से छात्र, परीक्षा हाल में घुसने से पूर्व कुछ-न-कुछ पढ़ते या रिवाइज करते देखे जाते है। ऐसा करने से आप तनाग्रस्‍त हो सकते हैं। आप डिप्रेशन या फॉरग्रेटफुलनेस (सब कुछ भूल जाना) के शिकार हो सकते हैं। 

 7.अच्‍छी तरह सोएँ एवं भोजन करें 

बहुत-से छात्र, परीक्षा के दिन न कुछ खाते हैं, न सोते है। सारी रात पढ़कर, दूसरे दिन परीक्षा देने जाते है। पूरी नींद एवं हल्‍का खाना दोनों ही ढंग से परीक्षा देने हेतु अति आवश्‍यकत है। आप परीक्षा को अपने ऊपर ‘हावी’ न होने दें। परीक्षा हेतु आप काफी समय से तैयारी कर रहें है, आपको बहुत सामान्‍य होकर परीक्षा देने जाना हैं। परीक्षा पूर्ण तरो-ताजगी से एवं तनाव रहित होकर देनी चाहिए।

परीक्षा के दिन की तैयारियां 

 1.जो आपको नहीं आता उससे परेशान न हों 

परीक्षा के दिन, इस बात को अच्‍छी तरह याद रखें कि आप सबकुछ नहीं जान सकते। बहुत-सी कमियां आपके द्वारा अपनी योग्‍यता/क्षमता के अनुसार तैयारी करने के बाद भी रह जाती है, उससे परेशान न हों। यह सभी छात्रों के साथ होता हैं।

 2.सकारात्‍मक सोच रखें 

खूब उत्‍साहपूर्वक परीक्षा देने जाएं। वैस भी सोंचं-निरूत्‍साहित/निराशापूर्ण स्थिति में नकारात्‍मक सोच रखने से क्‍या अब कुछ लाभ हो सकता हैं?

 3.तनाव पैदा करने वाले तत्‍वों से दूर रहें 

ऐसे छात्रों से दूर रहें जो आपसे उस समय कुछ पूछना चाहते हैं। कई बार इस तरह से पूछे गए प्रश्‍न आपकी तनावग्रस्‍त एवं हतोत्‍साहित कर सकते है। कई छात्र, अन्‍य छात्रों को परेशान करने हेतु इस तरह का व्‍यवहार करते हैं।

 4.परीक्षा केन्‍द्र हेतु कुछ जल्‍दी चलें 

परीक्षा केन्‍द्र को जाने हेतु थोड़ा शीघ्र ही चल दें। हो सकता है आप जिस साधन से जा रहें है, उसमें कोई परेशानी हो जाए या अन्‍य कोई परिस्थिति बन जाए जिसमें आपको देर लग जाए। इन सब परिस्थितियों को ध्‍यान में रखकर घर से कुछ जल्‍दी चले।

 5.आवश्‍यक सामान साथ ले जाना न भूलें 

अपना रोल नम्‍बर, एडमिटक कार्ड, पेन, पेन्सिल, रबड़, स्‍केल, शार्पनर इत्‍यादि उपने साथ ले जाना कभी नहीं भूले। यदि अपने साथ पानी की बोतल लें जाएं तो उचित होगा। आपको पानी के लिए इन्‍तजार नहीं करना होगा और आपको स्‍वच्‍छ शुद्ध पानी मिल जाएगा।

 6.परीक्षा से पूर्व शौच अवश्‍य जाएं 

बीच परीक्षा में शौचालय इत्‍यादि जाने से आपकी एकाग्रता टूटती है, समय नष्‍ट होता है।

परीक्षा देते समय

 1.अपनी सीट को जांचे-आराम से बैठें 

आपको जिस सीट पर बैठना है, उसे जांच लें। कहीं कुर्सी या टेबल में कील इत्‍यादि तो निकली हुई नहीं है? कहीं कुर्सी, टेबल लिखते समय हिलती तो नहीं है, अगर ऐसा कुछ लगे तो परीक्षक से निवेदन करके सीट बदलवा लें।

 2.उतर पुस्तिका मिलने पर 

उतर-पुस्तिका मिलने के बाद, उस पर दिए गए निर्देशों को अच्‍छी तरह पढें। जो भी पूर्तियां करनी हैं, उनकी पूर्ति धीरे-धीरे एवं साफ अक्षरों में करे। कोई भी आवश्‍यक कॉलम खाली न छोड़े। यदि कोई सन्‍देह है तो परीक्षक से जानकारी करके तनाव भर लें।

 3.प्रश्‍न-पत्र मिलने पर 

सर्वप्रथम प्रश्‍न-पत्र को पूरा पढ़े। जो हिदायतें दी गई है उनको ध्‍यान रखें, जैसे-कई बार प्रश्‍न अनिवार्य होता है या प्रत्‍येक भाग A,B या C में से एक-एक प्रश्‍न करना आवश्‍यक होता है या हर प्रश्‍न के अंक समान नहीं है, या समान है।

इस तरह के निर्देशों को अच्‍छी तरह से पढ़ लें। कोई भी सन्‍देह है तो परीक्षक से जानकारी करें। इस तरह के निर्देशों को अचछी तरह लेकिन शीघ्रता से पढ़ लें। अनावश्‍यक अधिक समय न लगाएं क्‍योंकि प्रश्‍न-पत्र को हल भी करना हैं। समय बहुत कीमती हैं।

 4.आसान प्रश्‍न से शूरू करें 

सबसे पहले उस प्रश्‍न का उतर देना शुरू करें जो आपको सरलतम लगे। इससे आपका आत्‍मविश्‍वास बढ़ेगा। यदि प्रश्‍न-पत्र वस्‍तुनिष्‍ठ प्रकार का हैं तो ध्‍यान रखें, किसी प्रश्‍न में फँस न जाएं। कई बार सरलता से हल होने वाले प्रश्‍न को हल करने में बहुत अधिक समय लगता हैं। समय सीमा का ध्‍यान रखकर ही प्रश्‍न को हल करें।

 5.समय सीमा का ध्‍यान रखें 

समय सीमा का विशेष रूप से ध्‍यान रखें। किसी भी प्रश्‍न में आवश्‍यकता से अधिक समय न लगाएं इससे आपको अन्‍य प्रश्‍नों का हल करने हेतु कम समय बचेगा। प्रश्‍न के अन्‍त में कुद जगह छोड़कर फिर दूसरा प्रश्‍न हल करना शुरू करें। कई बार पहले प्रश्‍न के सम्‍बन्‍ध में कोई महत्‍वपूर्ण बिन्‍दु में ध्‍यान आता है तो आप स्‍टार (*) मार्क करके उसे वहां लिख सकें, इतनी जगह छोड़ दें।

 6.स्‍पष्‍ट एवं स्‍वच्‍छ लिखें 

आपका लेख बहुत सुन्‍दर हो, यह आवश्‍यक नहीं है लेकिन स्‍पष्‍ट रूप से समझ में आ जाएं, ऐसा अवश्‍य होना चाहिए। जल्‍दी-जल्‍दी में ऐसा न लिखें कि समझ में ही न आ सकें। जहां तक हो सके बार-बार कटिंग न करें। इससे आपको कुछ अंक निम्‍न कम मिल सकते हैं। अत: स्‍वच्‍छ एवं स्‍पष्‍ट लेख में उतर लिखें।

 7.प्रश्‍न को उतर-पुस्तिका में न लिखें 

उतर-पुस्तिका में प्रश्‍न लिखने की आवश्‍यकता नहीं हैं। लेकिन प्रश्‍न का क्रमांक अवश्‍य लिखें। यदि प्रश्‍न किसी भाग A,B या C से है जो प्रश्‍न के क्रमांक से पूर्व A,B या C यथानुसार लिखना चाहिए।

 8.चित्र स्‍पष्‍ट बनाएं 

यदि प्रश्‍न का उतर लिखते समय कोई डायग्राम बना रहे है तो उसे स्‍पष्‍ट एवं कुछ बड़े आकार का बनाएं। कई छात्र डायग्राम बहुत छोटा बनाते हैं। डायग्राम में यदि किसी बिन्‍दुओं पर A,B,C अथवा X,Y,Z कुछ लिखना हो तो वह पूर्णतया स्‍पष्‍ट पढ़ने में आना चाहिए।

 9.संगत बातें ही लिखें 

कई छात्र यह समझते है कि अधिक लिखने से अधिम नम्‍बर मिलते हैं। यह गलत सोच है। आपका उतर ‘टू द प्‍वांइन्‍ट’ होना चाहिए। असंगत बातें नहीं लिखें। इससे आपको ‘अधिक’ की जगह ‘कम’ अंक मिलने की सम्‍भावना हैं।

 10.शब्‍द सीमा का ध्‍यान रखें 

यदि प्रश्‍न में शब्‍द सीमा निर्धारित है तो आपका उतर जहां तक सम्‍भव हो उस शब्‍द सीमा में ही होना चाहिए। कई बार दो लाइन में उतर लिखने को निर्देशित किया गया होता हैं कई छात्र बहुत ही छोटे-छोटे शब्‍दों में उतर लिख देते हैं। पांच लाइन में आने वाले शब्‍दों को दो लाइन में लिख देते है। इससे आपको उस उतर में पूरे अंक कभी नहीं मिलते। ऐसे प्रश्‍न पूछने का आश्‍य, आपकी इस योग्‍यता की जांच करना हैं कि आप महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों को किस तरह संक्षिप्‍त रूप में प्रयुक्‍त कर सकते हैं।

परीक्षा समाप्ति पर

जब आप सभी प्रशनों का उतर दें चुकें हों और आपके पास समय हों तो, उतरों को सरसरी निगाह से अवश्‍य देखें लें। परीक्षा भवन छोड़ने की शीघ्रता नहीं करं। यदि शेष समय में किसी प्रश्‍न में कुछ और लिखना चाहते है तो इस समय का सदुपयोग कर लें।

परीक्षा के बाद

यदि आपको दूसरे-तीसरे दिन पुन: किसी विषय की परीक्षा देनी है तो आज दिए गए प्रश्‍न-पत्र के उतरों के सही-गलत होने को मिलाने में, अपने मित्रों में उस विषय पर वार्तालाप, में बिल्‍कुल भी समय नष्‍ट न करें। दूसरे विषय की तैयारी हेतु तत्‍पर हो जाएं। इससे आपका पूरा समय बचेगा एवं यदि कोई उतर गलत हो गए है तो उससे तनाव, निराशा से आप बच जाएंगे। क्‍योंकि जो गलती हो गई वह अब तो ठीक हो नहीं सकती। कई छात्रों को इस तरह की गई गलती के लिए रोते हुए, बहुत अधिक पछताते हुए, स्वयं को एवं भाग्‍य को कोसते हुए तथा अपना समय नष्‍ट करते हुए देखा जाता हैं।

तो दोस्तो में उम्मीद करता हूं कि ये सभी उपाय आपको परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे ! में नितिन गुप्ता आप सभी को आने बाली आपकी सफ़लता के लिये अभी से बधाई देता हूं ! 

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About the author

Nitin Gupta

My Name is Nitin Gupta और मैं Civil Services की तैयारी कर रहा हूं ! और मैं भारत के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश से हूँ। मैं इस विश्व के जीवन मंच पर एक अदना सा और संवेदनशील किरदार हूँ जो अपनी भूमिका न्यायपूर्वक और मन लगाकर निभाने का प्रयत्न कर रहा हूं !!

मेरा उद्देश्य हिन्दी माध्यम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने बाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है ! आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कट अभिलाषा है !!

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